Wednesday, 28 February 2018

खेल सिद्धांत

प्रिय बंधुओं,
               यहां कुछ बहुमुल्य जानकारी उपलब्ध
करवाई जा रही है।
जो मेरे भाई-बहिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी मे दिन-रात लगे हुए है या वो जो अपने ज्ञान मे वृद्धि करने के इच्छुक है या बहुत कुछ जाननें के प्रति दृढ़ संकल्पित है। वैसे सफलता का कोई आसान रास्ता नही होता पर छोटी-छोटी पगडंडियों से राह सुगम हो जाती है।
पहले के समय मे जहां गणित,और विज्ञान की पढाई पर ही बल दिया जाता था।गणित और विज्ञान को कठिन विषय समझा जाता था।जिसका डर आज भी बच्चो के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है।
वर्तमान दौर मे इतिहास एवं सामान्य ज्ञान पर ही बल दिया जा रहा है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं मे अधिक अंक लाने के लिए आपको सामान्य ज्ञान होना बहुत जरूरी है और समय की मांग भी है।
तो मित्रों शुरू से ही यदि हम सामान्य ज्ञान का अध्ययन निरन्तर करते रहे तो हमें ज्यादा परेशानियों का सामना नही पड़ता।
सामान्य ज्ञान याद रखने का केवल और केवल एक ही तरीका होता है सुबह सुबह ध्यान एवं योगा और  सामान्य ज्ञान का समय समय पर दोहराव।
अंत मे मै उम्मीद करता हूं कि प्रस्तुत जानकारी आप लोगो के लिए उपयोगी होगी।
अगर लिखते समय कोई भूल हुई हो या आप कोई सुझाव देना चाहे कि आप किसके बारें मे जानकारी चाहते है तो कृपया करके मुझे अवगत करायें।
अगर मेरी वजह से किसी भी भाई बहिन के ज्ञान मे वृद्धि हुई तो मै अपने आपको भाग्यशाली समझूंगा।


पूर्व अभिनय का सिद्धान्त-----मालब्रेंस

मूल प्रवृत्ति का सिद्धान्त-----मैक्डूगल

पुन: प्राप्ति का सिद्धान्त-----मालब्रेंस

पुनरावृत्ति का सिद्धान्त-----स्टेनले हॉल

परिष्कार का सिद्धान्त-----अरस्तु

अतिरिक्त शक्ति का सिद्धान्त-----शिलर,स्पेन्सर

शिक्षण विधियाँ

प्रिय बंधुओं,
               यहां कुछ बहुमुल्य जानकारी उपलब्ध
करवाई जा रही है।
जो मेरे भाई-बहिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी मे दिन-रात लगे हुए है या वो जो अपने ज्ञान मे वृद्धि करने के इच्छुक है या बहुत कुछ जाननें के प्रति दृढ़ संकल्पित है। वैसे सफलता का कोई आसान रास्ता नही होता पर छोटी-छोटी पगडंडियों से राह सुगम हो जाती है।
पहले के समय मे जहां गणित,और विज्ञान की पढाई पर ही बल दिया जाता था।गणित और विज्ञान को कठिन विषय समझा जाता था।जिसका डर आज भी बच्चो के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है।
वर्तमान दौर मे इतिहास एवं सामान्य ज्ञान पर ही बल दिया जा रहा है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं मे अधिक अंक लाने के लिए आपको सामान्य ज्ञान होना बहुत जरूरी है और समय की मांग भी है।
तो मित्रों शुरू से ही यदि हम सामान्य ज्ञान का अध्ययन निरन्तर करते रहे तो हमें ज्यादा परेशानियों का सामना नही पड़ता।
सामान्य ज्ञान याद रखने का केवल और केवल एक ही तरीका होता है सुबह सुबह ध्यान एवं योगा और  सामान्य ज्ञान का समय समय पर दोहराव।
अंत मे मै उम्मीद करता हूं कि प्रस्तुत जानकारी आप लोगो के लिए उपयोगी होगी।
अगर लिखते समय कोई भूल हुई हो या आप कोई सुझाव देना चाहे कि आप किसके बारें मे जानकारी चाहते है तो कृपया करके मुझे अवगत करायें।
अगर मेरी वजह से किसी भी भाई बहिन के ज्ञान मे वृद्धि हुई तो मै अपने आपको भाग्यशाली समझूंगा।



किंडरगार्टन विधि-----फ्रॉबेल

डाल्टन पद्धति-----कुमारी हेलन पार्कहर्स्ट

पर्यटन विधि-----पेस्टोलॉजी

माेंटेसरी शिक्षा प्रणाली-----डॉ. मारिया माेंटेसरी

खेल विधि-----हेनरी काल्डवेल कुक

खोज विधि-----आर्मस्ट्रांग

वैज्ञानिक विधि-----गुडवार एवं स्केट्स

प्रादेशिक विधि-----हर्बर्टसन

ब्रेल पद्धति-----लुई ब्रेल

प्रक्रिया विधि-----कमेनियस

प्रश्नोत्तर विधि-----हेनरी सुकरात

बेसिक शिक्षा----- महात्मा गाँधी

समाजमिति विधि-----जेकॉब एल.मोरेनो

रेखीय अभिक्रमित अनुदेश विधि-----बी.एफ.स्कीनर

शाखीय अभिक्रमित अनुदेश विधि-----नार्मन क्राउडर

विनेटिका विधि-----कार्लटन वाशबर्न

इकाई उपागम----- एच.सी.मॉरीसन

प्रायोजना विधि-----विलियम हेनरी किलपैट्रिक

सूक्ष्म शिक्षण-----डी.एलेन एचीसन/रॉबर्ट बुश

समस्या समाधान विधि-----सुकरात

मूल्यांकन-----जे.एम.राइस

ड्रेकाली शिक्षण प्रणाली-----ड्रेकाली

Friday, 23 February 2018

लेविन का क्षेत्रीय सिद्धान्त

प्रिय बंधुओं,
               यहां कुछ बहुमुल्य जानकारी उपलब्ध
करवाई जा रही है।
जो मेरे भाई-बहिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी मे दिन-रात लगे हुए है या वो जो अपने ज्ञान मे वृद्धि करने के इच्छुक है या बहुत कुछ जाननें के प्रति दृढ़ संकल्पित है। वैसे सफलता का कोई आसान रास्ता नही होता पर छोटी-छोटी पगडंडियों से राह सुगम हो जाती है।
पहले के समय मे जहां गणित,और विज्ञान की पढाई पर ही बल दिया जाता था।गणित और विज्ञान को कठिन विषय समझा जाता था।जिसका डर आज भी बच्चो के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है।
वर्तमान दौर मे इतिहास एवं सामान्य ज्ञान पर ही बल दिया जा रहा है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं मे अधिक अंक लाने के लिए आपको सामान्य ज्ञान होना बहुत जरूरी है और समय की मांग भी है।
तो मित्रों शुरू से ही यदि हम सामान्य ज्ञान का अध्ययन निरन्तर करते रहे तो हमें ज्यादा परेशानियों का सामना नही पड़ता।
सामान्य ज्ञान याद रखने का केवल और केवल एक ही तरीका होता है सुबह सुबह ध्यान एवं योगा और  सामान्य ज्ञान का समय समय पर दोहराव।
अंत मे मै उम्मीद करता हूं कि प्रस्तुत जानकारी आप लोगो के लिए उपयोगी होगी।
अगर लिखते समय कोई भूल हुई हो या आप कोई सुझाव देना चाहे कि आप किसके बारें मे जानकारी चाहते है तो कृपया करके मुझे अवगत करायें।
अगर मेरी वजह से किसी भी भाई बहिन के ज्ञान मे वृद्धि हुई तो मै अपने आपको भाग्यशाली समझूंगा।



यह लेविन का अधिगम संबंधी क्षेत्रीय सिद्धान्त कहलाता है।यह वातावरण मे व्यक्ति कि स्थिति पर आधारित है। यह हमे बताता है कि व्यक्ति जैसे वातावरण मे रहता है उसके सीखने पर वैसा ही प्रभाव पड़ता है।इसके चार मुख्य तत्व होते है-----
शक्ति,अभिप्रेरणा,जीवन-विस्तार,अवरोध

अधिगम के प्रकार---गेने


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पहले के समय मे जहां गणित,और विज्ञान की पढाई पर ही बल दिया जाता था।गणित और विज्ञान को कठिन विषय समझा जाता था।जिसका डर आज भी बच्चो के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है।
वर्तमान दौर मे इतिहास एवं सामान्य ज्ञान पर ही बल दिया जा रहा है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं मे अधिक अंक लाने के लिए आपको सामान्य ज्ञान होना बहुत जरूरी है और समय की मांग भी है।
तो मित्रों शुरू से ही यदि हम सामान्य ज्ञान का अध्ययन निरन्तर करते रहे तो हमें ज्यादा परेशानियों का सामना नही पड़ता।
सामान्य ज्ञान याद रखने का केवल और केवल एक ही तरीका होता है सुबह सुबह ध्यान एवं योगा और  सामान्य ज्ञान का समय समय पर दोहराव।
अंत मे मै उम्मीद करता हूं कि प्रस्तुत जानकारी आप लोगो के लिए उपयोगी होगी।
अगर लिखते समय कोई भूल हुई हो या आप कोई सुझाव देना चाहे कि आप किसके बारें मे जानकारी चाहते है तो कृपया करके मुझे अवगत करायें।
अगर मेरी वजह से किसी भी भाई बहिन के ज्ञान मे वृद्धि हुई तो मै अपने आपको भाग्यशाली समझूंगा।



मनोवैज्ञानिक गेने ने अधिगम के 8 प्रकार बताए है।

१.संकेत अधिगम(निम्न कोटि का)

२.S-R अधिगम

३.श्रंखला अधिगम

४.शाब्दिक अधिगम

५.बहुविवेदन अधिगम

६.प्रत्यय अधिगम

७.सिद्धान्त अधिगम

८.समस्या समाधान अधिगम(उच्च कोटि का)

Thursday, 28 December 2017

मनोविज्ञान के सिद्धान्त:टालमैन

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पहले के समय मे जहां गणित,और विज्ञान की पढाई पर ही बल दिया जाता था।गणित और विज्ञान को कठिन विषय समझा जाता था।जिसका डर आज भी बच्चो के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है।
वर्तमान दौर मे इतिहास एवं सामान्य ज्ञान पर ही बल दिया जा रहा है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं मे अधिक अंक लाने के लिए आपको सामान्य ज्ञान होना बहुत जरूरी है और समय की मांग भी है।
तो मित्रों शुरू से ही यदि हम सामान्य ज्ञान का अध्ययन निरन्तर करते रहे तो हमें ज्यादा परेशानियों का सामना नही पड़ता।
सामान्य ज्ञान याद रखने का केवल और केवल एक ही तरीका होता है सुबह सुबह ध्यान एवं योगा और  सामान्य ज्ञान का समय समय पर दोहराव।
अंत मे मै उम्मीद करता हूं कि प्रस्तुत जानकारी आप लोगो के लिए उपयोगी होगी।
अगर लिखते समय कोई भूल हुई हो या आप कोई सुझाव देना चाहे कि आप किसके बारें मे जानकारी चाहते है तो कृपया करके मुझे अवगत करायें।
अगर मेरी वजह से किसी भी भाई बहिन के ज्ञान मे वृद्धि हुई तो मै अपने आपको भाग्यशाली समझूंगा।




Trick:अव्यक्त प्रतीक चिन्ह का ज्ञान व संभावना संप्रयोजित उद्देश्य होती है।

अव्यक्त--अव्यक्त अधिगम सिद्धान्त

प्रतीक--प्रतीकात्मक सिद्धान्त

चिन्ह--चिन्ह पूर्णाकार सिद्धान्त

ज्ञान--ज्ञान का मानचित्र सिद्धान्त

संभावना--संभावना सिद्धान्त

संप्रयोजित--संप्रयोजन व्यवहारवाद सिद्धान्त

उद्देश्य--उद्देश्यवाद,संकेतवाद

*टॉलमैन ने अपने प्रयोग चूहे पर किए।

मनोविज्ञान के सिद्धान्त-बी.एफ.स्किनर

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पहले के समय मे जहां गणित,और विज्ञान की पढाई पर ही बल दिया जाता था।गणित और विज्ञान को कठिन विषय समझा जाता था।जिसका डर आज भी बच्चो के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है।
वर्तमान दौर मे इतिहास एवं सामान्य ज्ञान पर ही बल दिया जा रहा है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं मे अधिक अंक लाने के लिए आपको सामान्य ज्ञान होना बहुत जरूरी है और समय की मांग भी है।
तो मित्रों शुरू से ही यदि हम सामान्य ज्ञान का अध्ययन निरन्तर करते रहे तो हमें ज्यादा परेशानियों का सामना नही पड़ता।
सामान्य ज्ञान याद रखने का केवल और केवल एक ही तरीका होता है सुबह सुबह ध्यान एवं योगा और  सामान्य ज्ञान का समय समय पर दोहराव।
अंत मे मै उम्मीद करता हूं कि प्रस्तुत जानकारी आप लोगो के लिए उपयोगी होगी।
अगर लिखते समय कोई भूल हुई हो या आप कोई सुझाव देना चाहे कि आप किसके बारें मे जानकारी चाहते है तो कृपया करके मुझे अवगत करायें।
अगर मेरी वजह से किसी भी भाई बहिन के ज्ञान मे वृद्धि हुई तो मै अपने आपको भाग्यशाली समझूंगा।



Trick:रिक्त व्यक्तियों में सक्रिय कार्यो की क्रिया RS से होती है।
रिक्त--रिक्त प्राणी उपागम सिद्धान्त

व्यक्तियों--व्यक्तिक उपागम सिद्धान्त

सक्रिय--सक्रिय अनुबंध सिद्धान्त

कार्यो--कार्यात्मक प्रतिबद्धता सिद्धान्त

क्रिया--क्रिया प्रसूत अधिगम सिद्धान्त

RS--RS Theory

*बी.एफ.स्किनर(अमेरिका)ने अपने प्रयोग चूहे(1938) व कबूतर(1943) पर किए

Tuesday, 26 December 2017

आदतों के प्रकार


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पहले के समय मे जहां गणित,और विज्ञान की पढाई पर ही बल दिया जाता था।गणित और विज्ञान को कठिन विषय समझा जाता था।जिसका डर आज भी बच्चो के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है।
वर्तमान दौर मे इतिहास एवं सामान्य ज्ञान पर ही बल दिया जा रहा है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं मे अधिक अंक लाने के लिए आपको सामान्य ज्ञान होना बहुत जरूरी है और समय की मांग भी है।
तो मित्रों शुरू से ही यदि हम सामान्य ज्ञान का अध्ययन निरन्तर करते रहे तो हमें ज्यादा परेशानियों का सामना नही पड़ता।
सामान्य ज्ञान याद रखने का केवल और केवल एक ही तरीका होता है सुबह सुबह ध्यान एवं योगा और  सामान्य ज्ञान का समय समय पर दोहराव।
अंत मे मै उम्मीद करता हूं कि प्रस्तुत जानकारी आप लोगो के लिए उपयोगी होगी।
अगर लिखते समय कोई भूल हुई हो या आप कोई सुझाव देना चाहे कि आप किसके बारें मे जानकारी चाहते है तो कृपया करके मुझे अवगत करायें।
अगर मेरी वजह से किसी भी भाई बहिन के ज्ञान मे वृद्धि हुई तो मै अपने आपको भाग्यशाली समझूंगा।



आदतों के वेलेन्टाइन ने सात प्रकार बताए है।
१.यांत्रिक आदतें-रोजमर्रा की गतिविधियाँ

२.नाड़ी मंडल संबंधी आदतें-व्यक्ति मे संवेगात्मक असंतुलन का होना

३.शारीरिक इच्छा संबंधी आदतें-व्यक्ति अपनी इच्छाओं की पूर्ति करता है।

४.विचार संबंधी आदतें-व्यक्ति के ज्ञान और उसकी रुचियों से संबंधित

५.भाषा संबंधी आदतें-शिक्षक के गलत उच्चारण से बच्चे भी गलत ही बोलना सीखते है।

६.भावना संबंधी आदतें-व्यक्ति भावपूर्ण व्यवहार करता है।

७.नैतिक आदतें-व्यक्ति मे नैतिकता के विकास से है।