Tuesday, 21 November 2017

बुद्धि के प्रकार-थार्नडाइक

प्रिय बंधुओं,
               यहां कुछ बहुमुल्य जानकारी उपलब्ध
करवाई जा रही है।
जो मेरे भाई-बहिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी मे दिन-रात लगे हुए है या वो जो अपने ज्ञान मे वृद्धि करने के इच्छुक है या बहुत कुछ जाननें के प्रति दृढ़ संकल्पित है। वैसे सफलता का कोई आसान रास्ता नही होता पर छोटी-छोटी पगडंडियों से राह सुगम हो जाती है।
पहले के समय मे जहां गणित,और विज्ञान की पढाई पर ही बल दिया जाता था।गणित और विज्ञान को कठिन विषय समझा जाता था।जिसका डर आज भी बच्चो के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है।
वर्तमान दौर मे इतिहास एवं सामान्य ज्ञान पर ही बल दिया जा रहा है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं मे अधिक अंक लाने के लिए आपको सामान्य ज्ञान होना बहुत जरूरी है और समय की मांग भी है।
तो मित्रों शुरू से ही यदि हम सामान्य ज्ञान का अध्ययन निरन्तर करते रहे तो हमें ज्यादा परेशानियों का सामना नही पड़ता।
सामान्य ज्ञान याद रखने का केवल और केवल एक ही तरीका होता है सुबह सुबह ध्यान एवं योगा और  सामान्य ज्ञान का समय समय पर दोहराव।
अंत मे मै उम्मीद करता हूं कि प्रस्तुत जानकारी आप लोगो के लिए उपयोगी होगी।
अगर लिखते समय कोई भूल हुई हो या आप कोई सुझाव देना चाहे कि आप किसके बारें मे जानकारी चाहते है तो कृपया करके मुझे अवगत करायें।
अगर मेरी वजह से किसी भी भाई बहिन के ज्ञान मे वृद्धि हुई तो मै अपने आपको भाग्यशाली समझूंगा।





(१)मूर्त बुद्धि-इस प्रकार की बुद्धि वाले व्यक्ति मशीनो और यंत्रो मे विशेष रुचि लेते है। इस प्रकार के बालक शारीरिक कार्यो मे एवं खेलकूद मे बढ चढकर हिस्सा लेते है।

(२)अमूर्त बुद्धि-इस प्रकार के बालक गहन चिंतन एवं मनन से ही फैसला लेते है।और पुस्तकीय ज्ञान भी इनको खूब होता है।


(३) सामाजिक बुद्धि-इस प्रकार की बुद्धि का  बालक समाज से सांमजस्य की क्षमता पैदा करता है। 

व्यक्तित्व का वर्गीकरण-जुंग/युंग

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पहले के समय मे जहां गणित,और विज्ञान की पढाई पर ही बल दिया जाता था।गणित और विज्ञान को कठिन विषय समझा जाता था।जिसका डर आज भी बच्चो के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है।
वर्तमान दौर मे इतिहास एवं सामान्य ज्ञान पर ही बल दिया जा रहा है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं मे अधिक अंक लाने के लिए आपको सामान्य ज्ञान होना बहुत जरूरी है और समय की मांग भी है।
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(१) अन्तर्मुखी-इस प्रकार के व्यक्ति अपने विचारो को व्यक्त करते समय संकोच करते है।ये स्वभाव से संकोची होते है।ये किसी से मिलना और बोलना कम ही पसंद करते है।इनकी पढने मे रुचि अधिक होती है।ये आदर्शवादी होते है।

(२)बहिर्मुखी-ऐसे व्यक्ति सामाजिक कार्यो मे बढ चढके हिस्सा लेते है।स्वभाव से ये वाकपटु होते है। ये आत्मविश्वासी होते है और बाहरी दुनिया के प्रति सजग रहते है।

(३)उभयमुखी-इनमे अन्तर्मुखी और बहिर्मुखी दोनो प्रकार के गुण पाए जाते है।ये परिस्थिति के अनुसार अपने विचार व्यक्त करते है।
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बुद्धि-लब्धि एवं बुद्धि के प्रकार



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पहले के समय मे जहां गणित,और विज्ञान की पढाई पर ही बल दिया जाता था।गणित और विज्ञान को कठिन विषय समझा जाता था।जिसका डर आज भी बच्चो के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है।
वर्तमान दौर मे इतिहास एवं सामान्य ज्ञान पर ही बल दिया जा रहा है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं मे अधिक अंक लाने के लिए आपको सामान्य ज्ञान होना बहुत जरूरी है और समय की मांग भी है।
तो मित्रों शुरू से ही यदि हम सामान्य ज्ञान का अध्ययन निरन्तर करते रहे तो हमें ज्यादा परेशानियों का सामना नही पड़ता।
सामान्य ज्ञान याद रखने का केवल और केवल एक ही तरीका होता है सुबह सुबह ध्यान एवं योगा और  सामान्य ज्ञान का समय समय पर दोहराव।
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१.25 से कम---जड़ या महामूर्ख

२.25 से 49---मूढ बुद्धि

३.50 से 69---अल्प या मूर्ख बुद्धि

४.70 से कम---निश्चित क्षीण बुद्धि

५.70 से 79---निर्बल या क्षीण बुद्धि

६.80 से 89---मंद बुद्धि या पिछड़े

७.90 से 109---सामान्य या औसत बुद्धि

८.110 से 119---प्रखर या तीव्र बुद्धि

९.120 से 139---अति प्रखर बुद्धि

१०.140 या उससे अधिक---प्रतिभाशाली बुद्धि

*अल्फ्रेड बिने ने साइमन के साथ मिलकर 1905ई.मे 'बिने साइमन बुद्धि परीक्षण बनाया।

*टरमन ने बिने साइमन परीक्षण मे संशोधन करके इसे 'स्टैनफोर्ड बिने परीक्षण'नाम दिया।

*स्टर्न ने बुद्धि लब्धि का सूत्र 1912मे दिया।

         I.Q.=मानसिक बुद्धि/वास्तविक बुद्धि*100

*1916 मे टरमन द्वारा इस सूत्र का प्रयोग किया गया।


Friday, 17 November 2017

मनोविश्लेषण की प्रक्षेपण विधियाँ

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पहले के समय मे जहां गणित,और विज्ञान की पढाई पर ही बल दिया जाता था।गणित और विज्ञान को कठिन विषय समझा जाता था।जिसका डर आज भी बच्चो के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है।
वर्तमान दौर मे इतिहास एवं सामान्य ज्ञान पर ही बल दिया जा रहा है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं मे अधिक अंक लाने के लिए आपको सामान्य ज्ञान होना बहुत जरूरी है और समय की मांग भी है।
तो मित्रों शुरू से ही यदि हम सामान्य ज्ञान का अध्ययन निरन्तर करते रहे तो हमें ज्यादा परेशानियों का सामना नही पड़ता।
सामान्य ज्ञान याद रखने का केवल और केवल एक ही तरीका होता है सुबह सुबह ध्यान एवं योगा और  सामान्य ज्ञान का समय समय पर दोहराव।
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१.रोर्शा स्याही धब्बा परीक्षण-
स्विट्जरलैण्ड के मनोरोग चिकित्सक हरमन रोर्शा ने 1921मे प्रवर्त्तन किया।इसमे 10 कार्ड होते है जिनमे से 5 काले,2 काले व लाल और 3 अनेक रंगो के होते है।
रोर्शा का मानना था कि व्यक्ति का व्यवहार चेतन से अचेतन पर निर्भर करता है।

२.वाक्य या कहानी पूर्ति परीक्षण-(1930)
इसका प्रवर्तक पाइने व टेण्टलर है।
इसमे बालक को कुछ अधूरे वाक्य(20-वाक्य) दिए जाते है जो बालक को पूरे करने होते है।

३.प्रासंगिक अन्तर्बोध परीक्षण-
इसका निर्माण मोर्गन एवं मुरे ने 1925 मे किया था।इस परीक्षण मे स्त्री पुरुषो के 30 चित्र होते है।इनमे से 10 चित्र पुरुषो के लिए,10 चित्र स्त्रियो के लिए और 10 दोनो के लिए।यह व्यस्को के लिए ही है। इसे T.A.T परीक्षण भी कहते है।

४.बाल अन्तर्बोध परीक्षण-
इसका निर्माण लियोपोल्ड बैलक ने 1948 मे किया था। यह परीक्षण 3 से 11 वर्ष के बच्चो के लिए होता है।
इसमे चित्र मानवो की जगह जानवरो के होते है। इस परीक्षण मे संशोधन कोलकाता की उमा चौधरी ने किया था।इसे C.A. T. परीक्षण भी कहते है।

५.खेल व नाटक विधि-जे.ऐल.मोरेनो
इस विधि मे बच्चो से स्वतंत्रतापूर्वक खेल व नाटक का आयोजन करवाया जाता है और इस दौरान उनके व्यक्तित्व संबंधी गुणो की पहचान की जाती है।

६.वर्णन विधि-आलपोर्ट व वर्नोन

मनोविश्लेषण विधियाँ:
स्वतंत्र शब्द साहचर्य विधि-(1879) गाल्टन-75 शब्द
स्वप्न विधि- फ्रायड
सम्मोहन विधि- फ्रायड

Thursday, 16 November 2017

टेनिन-एक व्यापारिक उपज

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तो मित्रों शुरू से ही यदि हम सामान्य ज्ञान का अध्ययन निरन्तर करते रहे तो हमें ज्यादा परेशानियों का सामना नही पड़ता।
सामान्य ज्ञान याद रखने का केवल और केवल एक ही तरीका होता है सुबह सुबह ध्यान एवं योगा और  सामान्य ज्ञान का समय समय पर दोहराव।
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Trick: अब छोरा हरपल कीकर कब काटता है।

*अ-----आँवला

*ब-----बहेड़ा

*छोरा-----छोंकरा

*हर-----हरड़ा

*पल-----पलास

*कीकर-----कीकर

*क-----कत्था

*ब-----बबूल

*इसका उपयोग बिजली का सामान एवं टायर-ट्यूब बनाने मे होता है।

*चिकिल-ये एक प्रकार का गोंद होता है और जफोटा नामक वृक्ष के दूधिया रस से तैयार होता है।
इसका उपयोग च्युंगम बनाने मे होता है।

ठंडी जल धाराएँ

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वर्तमान दौर मे इतिहास एवं सामान्य ज्ञान पर ही बल दिया जा रहा है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं मे अधिक अंक लाने के लिए आपको सामान्य ज्ञान होना बहुत जरूरी है और समय की मांग भी है।
तो मित्रों शुरू से ही यदि हम सामान्य ज्ञान का अध्ययन निरन्तर करते रहे तो हमें ज्यादा परेशानियों का सामना नही पड़ता।
सामान्य ज्ञान याद रखने का केवल और केवल एक ही तरीका होता है सुबह सुबह ध्यान एवं योगा और  सामान्य ज्ञान का समय समय पर दोहराव।
अंत मे मै उम्मीद करता हूं कि प्रस्तुत जानकारी आप लोगो के लिए उपयोगी होगी।
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trick: क्यूं हम सब फलक को लापता करे।

क्यू- क्यूराइल धाराएँ

हम-हम्बोल्ट और पेरु धारा

स-सोमाली धारा

ब-बेन्गुएला धारा

फ-फाकलैंड धारा

ल-लैब्रेडोर धारा

क-कनारी धारा

ला-ला निनो धारा

प-पछुआ पवन प्रवाह,पश्चिमी आस्ट्रेलियाई धारा

अटलांटिक महासागर की प्रमुख अन्त: सागरीय कन्दराएँ

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सामान्य ज्ञान याद रखने का केवल और केवल एक ही तरीका होता है सुबह सुबह ध्यान एवं योगा और  सामान्य ज्ञान का समय समय पर दोहराव।
अंत मे मै उम्मीद करता हूं कि प्रस्तुत जानकारी आप लोगो के लिए उपयोगी होगी।
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Trick: ओह कांसा मिनार विलेज मे है।

ओ-----ओशनोग्राफर कन्दरा

ह-----हडसन कन्दरा

कां-----कांगो कन्दरा

सा-----साओफ्रांसिस्को कन्दरा

मि-----मिसिसिपी कन्दरा

नार-----नॉरफोक कन्दरा

विलेज-----विल्मिंगटन कन्दरा